मुफ़्त · IRDAI पंजीकृत सलाहकार · 2004 से
भारत में बीमा की लगभग सारी जानकारी अंग्रेज़ी में है, जबकि ख़रीदने वाले ज़्यादातर लोग हिंदी में सोचते और कारोबार करते हैं। पॉलिसी इसी फ़ासले में ग़लत समझी जाती है। यहाँ सीधे जवाब हैं, बिना किसी शुल्क के।
बीमा एक अनुबंध है। आप हर साल एक तय रकम, यानी प्रीमियम, बीमा कंपनी को देते हैं। बदले में कंपनी तय नुक़सान होने पर आपको भरपाई देती है। जो कवर होगा और जो नहीं, वह पॉलिसी की शर्तों में लिखा होता है, न कि एजेंट की बात में।
यह पॉलिसी वर्डिंग में लिखा होता है, शेड्यूल में नहीं। शेड्यूल में सिर्फ़ बीमा राशि और प्रीमियम होता है। वर्डिंग पूरी माँगिए, कंपनी को देना ज़रूरी है, और उसी में हर क्लेम का फ़ैसला छिपा होता है।
अगर आपकी बीमा राशि सामान की असली क़ीमत से कम है, तो कंपनी उसी अनुपात में क्लेम काट देती है। मान लीजिए माल एक करोड़ का है और बीमा साठ लाख का, तो बीस लाख के नुक़सान पर भी सिर्फ़ बारह लाख मिलेंगे। भारत में क्लेम कटने की सबसे आम वजह यही है।
अगर मरीन या इनलैंड ट्रांज़िट पॉलिसी है तो आम तौर पर कवर होता है। गाड़ी पलटना, भिड़ंत, आग, बिजली और बारिश में पुल गिरना, ये इनलैंड ट्रांज़िट क्लॉज़ बी में आते हैं। सबसे ज़रूरी बात, सर्वेयर आने से पहले माल मत हिलाइए।
कैरिज बाय रोड एक्ट, 2007 की धारा 16 के तहत लिखित नोटिस बुकिंग की तारीख़ से 180 दिन के अंदर देना होता है, नुक़सान की तारीख़ से नहीं। यही चूक सबसे ज़्यादा होती है। सिर्फ़ क्लेम बिल भेजना नोटिस नहीं माना जाता।
पहले कंपनी के शिकायत अधिकारी को लिखिए। जवाब न मिले या संतोषजनक न हो, तो तीस दिन बाद बीमा लोकपाल के पास जा सकते हैं। यह मुफ़्त है, वकील की ज़रूरत नहीं, और उसका फ़ैसला कंपनी पर बाध्यकारी है, आप पर नहीं।
22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत हेल्थ और लाइफ़ पॉलिसी पर जीएसटी शून्य है, पहले 18 प्रतिशत था। लेकिन कंपनी की ग्रुप पॉलिसी पर आज भी 18 प्रतिशत लगता है।
मुआवज़े की ज़िम्मेदारी क़ानूनन है, अब कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के तहत, जिसने 1923 के एम्प्लॉइज़ कंपनसेशन एक्ट को समाहित कर लिया। क़ानून बीमा लेना अनिवार्य नहीं करता, पर ठेके और सरकारी टेंडर आम तौर पर करते हैं।
हमारा सहायक Raksha AI हिंदी में पूछे गए सवाल का जवाब हिंदी में देता है। मुफ़्त है, कोई पंजीकरण नहीं, और नाम या नंबर देने की ज़रूरत नहीं। जहाँ किसी इंसान की ज़रूरत हो, वह साफ़ बता देता है।
रक्षित फाइनेंशियल सर्विसेज़ 2004 से उदयपुर से काम कर रही है। पॉलिसी की समीक्षा और क्लेम में मदद के लिए कोई शुल्क नहीं है, चाहे पॉलिसी हमने न भी करवाई हो। अपनी पॉलिसी WhatsApp पर भेजिए, हम पढ़कर बता देंगे कि उसमें क्या कमी है।
English: claim letters · rejected claim · Ombudsman · calculators.